दूसरों के प्रति निस्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र – डॉ. जय प्रकाश शर्मा
डा जय प्रकाश शर्मा ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष कि दी बधाई व शुभकामनाएं
देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने में वर्ष 2024 होगा निर्णायक-डा.जय प्रकाश शर्मा
संतकबीरनगर। नूतन वर्ष 2024 पर जनपद के विधानसभा क्षेत्र धनघटा अन्तर्गत गागरगाड़ निवासी,भारत गौरव रत्न श्री सम्मान प्रख्यात समाज सेवी डा.जय प्रकाश शर्मा ने अपने शुभ चिंतको व क्षेत्र की जनता को अपनी बधाइयां देते हुए कहा कि यह वर्ष सभी के जीवन में सुख समृद्धि सफलता ले आए आप सदैव स्वस्थ और आनदित रहे एवं आपकी समस्त मनोकामनाएं पूरी हो। आई इस शुभ दिन पर हम सभी स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन को सफल और खुशहाल मंगलमय बनाने का संकल्प ले। नया साल लोगों के जीवन में निश्चित रूप से विकास और खुशहाली की सौगात लेकर आएगा। अपने बधाई संदेश में डा.जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि नूतन वर्ष 2024 में प्रवेश करते समय हर ब्यक्ति अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़े जिससे हमारा कल मजबूत हो सके। उन्होंने प्रदेश वासियों की खुशहाली और सम्पन्नता की कामना किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता आपसी भाईचारे के लिए जानी जाती है। जनता इसी प्रेम और भाईचारे के साथ एक दूसरे का सहयोग करते हुए जीवन की डगर पर आगे बढ़े जिससे जनपद में और भी खुशहाली लाई जा सके। डा.शर्मा ने जिले की जनता को भेजे गए संदेश में कहा कि वर्ष 2023 काफी उतार चढ़ावों का वर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 जनपद ही नहीं देश में भी एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने जनपद की जनता को नूतन वर्ष 2024 की शुभकामना देते हुए कहा कि जनता के लिए ये वर्ष ढ़ेर सारी खुशियां लाए जिससे उनके जीवन मे ब्याप्त समस्याओं से छुटकारा मिल सके। उन्होने कहा कि विकास के लिए सकारात्मक सोंच की आवश्यकता होती है। हर ब्यक्ति सकारात्मक सोंच के साथ अपने मुहल्ले,गांव,जनपद,प्रदेश और देश के विकास के लिए प्रयास करना शुरू कर दे तो वह दिन दूर नहीं कि जब भारत एक बार फिर से सोने की चिंड़िया बन जाएगा

सन्तकबीरनगर। अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस की उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ उपाध्यक्ष व प्रख्यात समाजसेवी डा जय प्रकाश शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एकात्म भाव भारतीय संस्कृति का मूल भाव है। वसुधैव कुटुम्बकम का मंत्र भारत ने ही विश्व को दिया है। आइए एकता, प्रेम,सद्भाव व सौहार्द की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करते हुए विश्व में शांति बनाए रखने का संकल्प ले। डा जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस है और यह हमारी विविधता में एकता का जश्न मनाने का दिन है। गरीबी एवं अशिक्षा का अंधकार का मिटे और विश्व में प्रेम,सौहार्द तथा सद्भाव का नव दीप देदीप्यमान हो,ऐसे पुनीत प्रयासों में ही इस दिवस की सार्थकता है।अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस का उद्देश्य,लोगों को विविधता में एकता की अहमियत बताते हुए जागरूकता फैलाना हैं। विश्व के विभिन्न देश इस दिन अपनी लोगों के बीच शांति,भाईचारा,प्यार, सौहार्द और एकता के संदेश का प्रसार करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस एकजुटता को साझा हितों और उद्देश्यों के बारे में जागरूकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक ऐसे समाज में एकता और संबंधों की मनोवैज्ञानिक भावना पैदा करते हैं जो लोगों को एक-दूसरे के साथ बांधते हैं।